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Poems

क्या खोया है क्या पाया है

क्या खोया है क्या पाया है यह सोच के क्या हासिल आया है जो खोया है वह भी पाया था जो पाया है वह शायद खो देंगे जप पाया था वह प्यारा था जब खो दिया तोह क्यों खटकने लगा Read more…